राजपूताना में सैलानियों सैलाब : सड़कों पर ‘जाम’, होटलों में ‘नो रूम’ की टेंशन, फिर भी किलो–महलों और धोरों में मस्ती


जयपुर। पिंक सिटी जयपुर, स्वर्ण नगरी जैसलमेर, ब्लू सिटी और सनसिटी जोधपुर, लेक सिटी उदयपुर, टाइगर सिटी सवाई माधोपुर–सरिस्का, ख्वाजा की नगरी अजमेर, भुजिया–पापड़ के शहर बीकानेर और साल्ट सिटी सांभर समेत पूरे राजस्थान में इस समय पर्यटन इस समय पीक पर है। होटल, टैक्सी, टूर गाइड, हस्तशिल्प, रेस्तरां और लोकल बाजारों में बंपर कारोबार हो रहा है।

10 जनवरी तक होटल फुल

पर्यटन स्थलों पर छोटे–बड़े सभी होटल और गेस्ट हाउस 10 जनवरी तक पूरी तरह हाउसफुल हैं। कई शहरों में ‘नो रूम अवेलेबल’ की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पर्यटक वाहनों की भीड़ से जाम के हालात हैं। पर्यटन स्थलों पर पांव रखने की जगह नहीं है और टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। इसके बाद भी सैलानियों का उत्साह कम नहीं है। 

वाइल्ड लाइफ सफारी–डेजर्ट टूर में भी फुल बुकिंग

टाइगर, लेपर्ड और हाथी सफारी में फिलहाल बुकिंग मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं जैसलमेर–बीकानेर–नागौर के रेगिस्तानी धोरों में भी अगले एक सप्ताह तक टेंट उपलब्ध नहीं हैं। 

धार्मिक स्थलों पर आस्था का ज्वार

पर्यटन के साथ–साथ धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सांवरिया सेठ, श्रीनाथ जी, खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी, जीण माता, करणी माता, राणी सती, शाकंभरी माता, शिला माता, गोविंद देवजी, पुष्कर और तनोट माता में आस्था का सैलाब दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि राजस्थान घूमने आ रहे अधिकांश सैलानियों के ट्रैवल प्लान में कोई न कोई धर्मस्थल जरूर शामिल है। इनमें सांवरिया सेठ, खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी श्रद्धालुओं की पहली पसंद बने हुए हैं। नए साल पर संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

उधर, अजमेर में हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स की रौनक पूरे शबाब पर है। दरगाह परिसर में चिश्तिया रंग, जायरीन की भीड़ और सूफियाना कलाम की गूंज माहौल को खास बना रही है।

जयपुर सैलानियों की पहली पसंद

राजधानी जयपुर पर्यटकों की टॉप चॉइस बनी हुई है। तीन से पांच दिन का प्लान लेकर सैलानी जयपुर पहुंच रहे हैं। जयपुर दर्शन के साथ खाटू श्याम जी–सालासर बालाजी के दर्शन भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल हैं। शनिवार सुबह से ही जयपुर सैलानियों से भरा हुआ है। आज एक लाख से अधिक पर्यटकों के जयपुर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पूरे शहर में ट्रैफिक दबाव है और कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अल्बर्ट हॉल, हवा महल, जंतर–मंतर, सिटी पैलेस, आमेर, जल महल, जयगढ़ और नाहरगढ़ में जबरदस्त भीड़ है। नाहरगढ़ में टाइगर–लॉयन सफारी और आमागढ़–झालाना लेपर्ड सफारी के लिए सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं।

किन राज्यों के पर्यटकों को कहां भा रहा राजस्थान

विदेशी पर्यटक मुख्य रूप से पुष्कर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर का रुख कर रहे हैं, हालांकि इनकी संख्या घरेलू पर्यटकों की तुलना में कम है। एनसीआर, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, एमपी और पंजाब के पर्यटकों के लिए जयपुर पहली पसंद बना हुआ है। गुजराती, मराठी और बंगाली पर्यटकों को जोधपुर—उदयपुर भा रहा है, जबकि जैसलमेर, बीकानेर और नागौर में अन्य राज्यों के साथ–साथ राजस्थान के भीतर से भी बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने पहुंच रहे हैं।

दक्षिण भारतीय पर्यटक जयपुर–उदयपुर–जोधपुर सर्किट को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं कोटा, भरतपुर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की तुलना में पर्यटकों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम बनी हुई है।

जोधपुर में लगा पर्यटकों का जमावड़ा

सूर्यनगरी जोधपुर पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही है। मेहरानगढ और उम्मेद भवन के बाद मिनी फॉरेस्ट माचिया बायोलॉजिकल पार्क पर्यटकों की पसंद बन रहा है। होटलो में भी लगभग नो रूम की स्थिति बन चुकी है। हाई डिमांड के कारण कई होटल वालों ने कमरों का किराया बढ़ा दिया है। मंडोर गार्डन, जसवंत थड़ा, मेहरानगढ़ क्षेत्र और अन्य प्रमुख बाजारों में पर्यटकों की भीड़ है। सैलानी ऐतिहासिक स्थलों को देखने के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प, कपड़े और पारंपरिक वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। 

प्रियुष हॉस्पिटल में यूबीई तकनीक पर लाइव वर्कशॉप


न्यूरोसर्जनों को मिला अत्याधुनिक सर्जरी प्रशिक्षण

जयपुर। प्रियुष न्यूरो एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जरी की अत्याधुनिक यूबीई (Unilateral Biportal Endoscopy) तकनीक पर लाइव वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. योगेश गुप्ता, डॉ. गौरव बंसल और डॉ. अहमद अंसारी ने इस तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

वर्कशॉप के दौरान दो लाइव सर्जरी के माध्यम से यूबीई तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसमें शहर के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए न्यूरोसर्जनों ने भाग लिया और आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया।

विशेषज्ञों ने बताया कि यूबीई तकनीक फोर्थ जनरेशन मिनिमल इनवेसिव एंडोस्कोपिक सर्जरी है, जिसमें मसल या हड्डी को नुकसान नहीं पहुंचता। इस तकनीक से मरीज को कम दर्द होता है और अधिकांश मामलों में अगले दिन ही डिस्चार्ज किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि यह उन्नत तकनीक फिलहाल नॉर्थ इंडिया के चुनिंदा चिकित्सा केंद्रों पर ही उपलब्ध है। इस तरह की कार्यशालाएं न केवल न्यूरोसर्जनों के कौशल विकास में सहायक हैं, बल्कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


जयपुर एयरपोर्ट पर सामान गुम या छूट गया?


अब ऑनलाइन तलाश कर सकेंगे पैसेंजर, AI से लैस ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सिस्टम शुरू

जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब यात्रियों का खोया या छूटा हुआ सामान ढूंढना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। एयरपोर्ट पर पूरी तरह ऑटोमेटेड और AI आधारित ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सिस्टम शुरू किया गया है, जिसकी मदद से पैसेंजर ऑनलाइन एयरपोर्ट पर गुम हुए या छूटे हुए सामान की स्थिति जान सकते हैं।

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (JIAL) द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। जैसे ही एयरपोर्ट परिसर में कोई सामान मिलता है, कैमरा उसकी फोटो लेकर सामान का विवरण, स्थान, तारीख और समय के साथ उसे सिस्टम में स्वतः दर्ज कर देता है।

यात्री अब अडानी वन ऐप या एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए कहीं से भी अपने खोए हुए सामान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह ऑन-द-गो है और यात्रियों को एयरपोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

3 महीने में 85% से ज्यादा सामान लौटाया गया

AI आधारित इस सिस्टम की प्रभावशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते तीन महीनों में 85 प्रतिशत से अधिक खोया हुआ सामान उसके वास्तविक मालिकों तक सुरक्षित लौटाया जा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित रख-रखाव

खोए हुए सामान के सुरक्षित रख-रखाव के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था अपनाई गई है, जिससे सामान को व्यवस्थित तरीके से स्टोर किया जाता है और उसे लौटाने में कम समय लगता है।

24x7 उपलब्ध है सेवा

जयपुर एयरपोर्ट पर यह ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। दोनों टर्मिनलों पर  24x7  Lost & Found Service  सुविधा देने वाला  Jaipur International Airport  देश का पहला एयरपोर्ट बन गया है।

इस नवाचार और गुणवत्ता के लिए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हाल ही में क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) की ओर से गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

विदेशी प्रवासी राजस्थानी प्रतिनिधिमंडलों ने जयपुर में आरतिया कार्यालय का किया दौरा


जयपुर। प्रवासी राजस्थानी दिवस पर विभिन्न देशों से जयपुर आए राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर प्रमुखों एवं उनके प्रतिनिधिमंडलों ने अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) के कार्यालय का दौरा किया।

इस अवसर पर आरतिया पदाधिकारियों और प्रवासी प्रतिनिधियों के बीच व्यापार, उद्योग एवं निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई तथा आपसी सहयोग को लेकर सहमति जताई गई।

National US Chamber of Commerce की संस्थापक एवं  Rajasthan Foundation New York Chapter प्रमुख पूर्णिमा वोरा ने राजस्थान और अमेरिका के बीच व्यापार, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के लिए राजस्थान में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं, जिनमें हैंडहोल्डिंग के माध्यम से सहयोग किया जा सकता है। वहीं राजस्थान के कारोबारी यदि अमेरिका में कार्य करना चाहें, तो उनका चैंबर संपूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। टेक्सास (अमेरिका) स्थित राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर प्रमुख राज असावा, संदीप सिंह, अरुण मलिक एवं प्रवीण कुमार ने भी व्यापारिक संभावनाओं पर अपने विचार रखे।

Rajasthan Foundation New Zealand Chapter  प्रमुख गुरुधारी रीमा शर्मा एवं उमेश शर्मा ने बताया कि न्यूजीलैंड ऊन और दूध उत्पादों का बड़ा उत्पादक है। साथ ही राजस्थान से अनेक उत्पादों के निर्यात की वहां अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड उच्च शिक्षा का भी बड़ा डेस्टिनेशन है और इस दिशा में उनकी टीम हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है।

अफ्रीकी देशों में निवेश के अवसर

जाम्बिया चैप्टर प्रमुख नरेंद्र भाटी ने बताया कि जाम्बिया में खनिज और कृषि क्षेत्र अभी काफी खुला है और राजस्थानी निवेशकों के लिए यहां समुचित अवसर उपलब्ध हैं। Rajasthan Association of Kenya  के अध्यक्ष एवं फाउंडेशन चैप्टर प्रमुख डॉ. सोनवीर सिंह, निर्मला चौधरी, धर्मेंद्र एवं कुलदीप सिंह राठौड़ ने राजस्थान और केन्या के बीच आपसी सहयोग से सृजित होने वाली व्यावसायिक संभावनाओं पर चर्चा की।

यूगांडा चैप्टर प्रमुख मनीष कल्ला ने कहा कि वहां की अर्थव्यवस्था प्रोग्रेसिव फेज में है। भारत से ऑटोमोबाइल उपकरणों सहित कई उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं हैं। उन्होंने कृषि भूमि की उपलब्धता की जानकारी देते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र है, जहां अल्प निवेश में अधिक लाभ संभव है। घाना स्थित राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर प्रमुख कनिका सुनीता राजपुरोहित ने कहा कि अफ्रीकी देश इवेंट इंडस्ट्री और संबंधित गतिविधियों के लिहाज से काफी समृद्ध हैं। राजस्थान और अफ्रीकी देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान की बड़ी संभावनाएं हैं। इसके अलावा राजस्थानी हस्तशिल्प के लिए अफ्रीकी देश बड़े बाजार साबित हो सकते हैं। साथ ही वहां ईको-टूरिज्म अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ रही है।

आरतिया टीम ने किया स्वागत

आरतिया की ओर से विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सर्राफ, प्रेम बियाणी, ओ.पी. राजपुरोहित, कैलाश शर्मा, अजय गुप्ता, ज्ञान प्रकाश, विष्णु गोयल एवं सुरेश बंसल ने आगंतुक अतिथियों का दुपट्टा भेंट कर स्वागत किया तथा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

19 से 22 दिसंबर तक होगा जयपुर ज्वैलरी शो, 'कलर्ड जेमस्टोन' रहेगी थीम


जयपुर। जयपुर ज्वैलरी शो यानी JJS-2025  इस साल 19 से 22 दिसंबर तक होगा। जेजेएस का आयोजन जयपुर के सीतापुरा स्थित नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में होगा।

सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन बिजनेस: कम लागत बड़ा मुनाफा


सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन तेजी से ग्रोथ करता बिजनेस है। कम लागत में Solar Rooftop Installation बिजनेस शुरू किया जा सकता है। 10 प्रोजेक्ट भी एक महीने में मिल जाए तो तीन लाख रुपए महीना इनकम हो सकती है।

Aadhaar Update Made Easy: अब मोबाइल नंबर बदलें खुद APP से


आप खुद भी आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर को बदल सकेंगे। 
आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलना आसान किया जा रहा है।आधार को रेगुलेट करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नई डिजिटल सर्विस की घोषणा की है।

आधार ऐप के जरिए यूजर आधार कार्ड में मोबाइल नंबर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से अपडेट कर सकेंगे। UIDAI ने शुक्रवार को मोबाइल नंबर अपडेट करने वाली सर्विस के लॉन्च की घोषणा की।

आधार में मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें

  • UIDAI के मुताबिक मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रोसेस काफी सिंपल रखा गया है। इसके लिए कोई डॉक्यूमेंट या फिजिकल विजिट की जरूरत नहीं है। पूरी प्रोसेस कुछ मिनटों में हो जाएगी।
  • सबसे पहले यूजर्स को AADHAAR एप डाउनलोड करना होगा।
  • यहां यूजर्स को अपना आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर डालना होगा।
  • OTP वेरिफिकेशन होगा, जो पुराने या नए नंबर पर भेजा जाएगा।
  • इसके बाद स्मार्टफोन कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।

आधार मोबाइल अपडेट क्यों जरूरी है?

आधार कार्ड देश की सबसे बड़ी आइडेंटिटी सर्विस है। देश में 130 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड धारक है। आधार कार्ड के लिए सबसे महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर है। इसी से OTP के जरिए बैंक अकाउंट, सरकारी सब्सिडी, इनकम टैक्स वेरिफिकेशन और डिजिटल सर्विसेज जैसे डिजीलॉकर तक एक्सेस मिलता है।
आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर किसी कारण से बंद हो जाए तो काफी परेशानी होती है। अभी तक इसे अपडेट करने के लिए एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और लंबी कतारों का झंझट होता है। लेकिन अब UIDAI डिजिटल तरीके से इसे आसान बनाने जा रहा है।

UIDAI ने पिछले महीने AADHAAR एप लॉन्च किया था

एक महीने पहले UIDAI ने आधार कार्ड का नया मोबाइल एप लॉन्च किया था। इसमें यूजर एक ही फोन में 5 लोगों के आधार रख सकते हैं। इसमें आधार की सिर्फ वही जानकारी शेयर करने का ऑप्शन है, जो जरूरी होते हैं।
इस ऐप में आप UPI में जिस तरह स्कैन कर पेमेंट करते है, उसी तरह आधार डिटेल्स शेयर कर सकते हैं। ऐप को ज्यादा सिक्योर बनाने के लिए इसमें फेस ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।

Noida के DLF Mall of India में खुल रहा है Apple का नया स्टोर


नोएडा और दिल्ली NCR के टेक प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है! Apple अपना नया आधिकारिक स्टोर DLF Mall of India, Noida में खोलने जा रहा है। 

यह भारत में कंपनी का 5वां और दिल्ली NCR का दूसरा स्टोर होगा। अगर आप भी नए आईफोन या मैकबुक के दीवाने हैं, तो यहाँ वो सब कुछ है जो आपको इस नए स्टोर के बारे में जानना चाहिए। 

कब हो रही है ग्रैंड ओपनिंग? 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा के इस स्टोर का उद्घाटन 11 दिसंबर को किया जाएगा। यह साल 2025 में खुलने वाला Apple का तीसरा स्टोर होगा।

भारत में अन्य स्टोर्स की स्थिति:

  • मुंबई :अप्रेल 2023
  • दिल्ली (साकेत): अप्रैल 2023
  • बेंगलुरु: 2 सितंबर को खुला
  • पुणे: 4 सितंबर को खुला
  • नोएडा: 11 दिसंबर (आगामी)

स्टोर में क्या होगा खास? (Latest Products & Features)

इस नए स्टोर में टेक्नोलॉजी का भविष्य देखने को मिलेगा। यहाँ ग्राहकों को लेटेस्ट और फ्यूचरिस्टिक गैजेट्स का अनुभव मिलेगा:  

  • iPhone 17 सीरीज: लेटेस्ट आईफोन मॉडल्स डिस्प्ले और बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
  • M5-पावर्ड MacBook Pro: पावरफुल परफॉरमेंस वाले नए लैपटॉप्स।

एक्सपर्ट सपोर्ट: यहाँ स्पेशलिस्ट, क्रिएटिव्स, जीनियस और बिजनेस टीम्स मौजूद रहेंगी जो आपकी हर तकनीकी समस्या का समाधान करेंगी।

नोट: ग्राहक न केवल प्रोडक्ट्स खरीद सकेंगे, बल्कि नए फीचर्स को खुद 'ट्राई' भी कर सकेंगे।

'Today at Apple' सेशंस: सीखें कुछ नया

सिर्फ खरीदारी नहीं, Apple Store एक लर्निंग हब भी होगा। यहाँ 'Today at Apple' सेशंस आयोजित किए जाएंगे।टॉपिक्स: डिजिटल आर्ट, स्टोरीटेलिंग, प्रोडक्टिविटी और कोडिंग।

फायदा: ये वर्कशॉप्स उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो अपने डिवाइस का पूरा इस्तेमाल सीखना चाहते हैं या अपनी क्रिएटिविटी को बढ़ाना चाहते हैं।

सर्विस और सुविधाएं

Apple अपने प्रीमियम अनुभव के लिए जाना जाता है, और यह स्टोर भी अलग नहीं होगा:

  • पिकअप सर्विस: आप घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर करें और स्टोर से जाकर पिक कर लें।
  • ट्रेड-इन प्रोग्राम (Trade-in): अपने पुराने डिवाइस को एक्सचेंज करें और नए गैजेट पर छूट पाएं।
  • गाइडेंस: Apple के विशेषज्ञ आपकी जरूरतों के हिसाब से सही प्रोडक्ट चुनने में मदद करेंगे।

भारत में Apple की रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ

भारत Apple के लिए एक उभरता हुआ और महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है। टिम कुक (Tim Cook) ने भी कई बार भारत को 'स्टैंडआउट मार्केट' बताया है।

  • बिक्री का अनुमान: IDC के अनुसार, 2025 में कंपनी भारत में 15 करोड़ iPhone बेच सकती है।
  • मार्केट शेयर: पहली बार Apple का मार्केट शेयर 10% से ऊपर जाने की उम्मीद है।
  • हालिया प्रदर्शन: सितंबर तिमाही में Apple ने लगभग 5 मिलियन यूनिट्स बेचे और 25% की सालाना वृद्धि दर्ज की।

स्रोत: मीडिया रिपोर्ट्स 


पतली जयपुरी रजाई में कैसे रुकती है सर्दी, जानिए कहां से खरीदें इसे


देश—विदेश में प्रसिद्ध जयपुरी रजाई की डिमांड खूब है। पिंक सिटी घूमने आने वाले ट्यूरिस्ट को जयपुर का यह खास प्रॉडक्ट खूब पसंद आ रहा है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला—2025 में भी 100 ग्राम रूई से बनी स्पेशल रजाई को लेकर खासा क्रेज रहता है। जयपुरी रजाई का​ बिजनेस भी काफी बढ़ गया है।


जयपुरी रजाई अपने हल्के वजन, कोमलता और गर्माहट की खासियत के कारण देश—विदेश में फेमस है। जयपुरी रजाई बनाने का काम मुख्य रूप से मंसूरी समाज का वंशानुगत व्यवसाय है। अब इस व्यवसाय में कुछ और भी लोग एवं बड़ी कंपनियां शामिल हो गई है। लेकिन परम्परागत रूप से बनी रजाई की डिमांड अलग ही है। जयपुर में कई परिवार ऐसे हैं जिनकी सात—आठ पीढ़ी इस काम से जुड़ी है। यह करीब 280 साल पुरानी विरासत है।


असली जयपुर रजाई कहां से खरीदे?

पर्यटकों और ग्राहकों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है। दरअसल, यहां जयपुर में कई दुकानदार ऐसे हैं जो असली जयपुर रजाई का दावा करते हैं, लेकिन वे होती नहीं है। इसलिए यह प्रॉडक्ट सोच समझकर लिया जाना चाहिए। जयपुर में जयपुरी रजाई हवामहल बाजार, जौहरी बाजार, बापू बाजार, आमेर रोड़, जोरावर सिंह गेट, आमेर में कई दुकानों और शोरूम मिलती है। ये प्रॉडक्ट ऑनलाइन भी कई साइटों पर बेचा जा रहा है लेकिन, उसके असली होने की कोई गारंटी नहीं है। सिलाई, वजन, कपड़ा और छपाई देखकर इसके असली—नकली होने का अंदाजा लगाया जा सकता है।


जयपुरी रजाई कितने की है?

यह निर्भर करता है उसमें इस्तेमाल की जा रही रूई की क्वलिटी और कपड़े पर। हाथ से कताई वाली रूई से बनी होगी, तो महंगी होगी। मशीन से रई कताई कर बनी रजाई आमतौर पर सस्ती होती है। फिर उसमें कपड़ा कौन सा लगा है? इस पर भी जयपुरी रजाई की कीमत निर्भर करती है। रजाईयां 500 से 5000 तक की रेंज में उपलब्ध है।

क्यों प्रसिद्ध है जयपुरी रजाई?

नार्मल रजाई का वजन 4-5 किग्रा तक होता है। कुछ लोगों को इस रजाई के इस्तेमाल से घुटन महसूस होती है। जयपुरी रजाई काफी light weight होती है। इसका वजन 100 ग्राम से लेकर दो किग्रा तक होता है। स्पेशल 250 ग्राम (प्रसिद्ध 'पाव रजाई') भी उपलब्ध है।

मलमल का कपड़ा: इसमें शुद्ध सूती मलमल (Mulmul) के कपड़े का उपयोग होता है, जो त्वचा के लिए बेहद मुलायम होता है और सांस (breathable) ले सकता है।

हाथ की छपाई (Hand Block Print): इन रजाईयों पर सांगानेरी, बगरू और मुगल प्रिंट की नक्काशी होती है। यह मशीन से नहीं, बल्कि कारीगरों द्वारा लकड़ी के ठप्पे (blocks) से हाथ से छापी जाती है।

रिवर्सिबल डिज़ाइन: अधिकतर जयपुरी रजाईयां दोनों तरफ से इस्तेमाल की जा सकती हैं, जिससे एक ही रजाई में आपको दो अलग-अलग डिजाइन मिलते हैं।

पतली रजाई में कैसे रुकती है सर्दी


पतली जयपुरी रजाई में ठंड कैसे रुकती है? इसका राज इसकी बनावट और प्रक्रिया में छिपा है।
धुनाई (Carding Process): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। कारीगर रुई को डंडों से घंटों तक पीटते हैं (जिसे धुनाई कहते हैं)। इस प्रक्रिया में रुई के रेशे-रेशे अलग हो जाते हैं और अशुद्धियां निकल जाती हैं। इससे रुई में हवा भर जाती है और वह बेहद हल्की (fluffy) हो जाती है। विज्ञान के अनुसार, रुई के रेशों में फंसी यह हवा ही 'इन्सुलेटर' (insulator) का काम करती है और शरीर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती।

टगाई (Tagai /Hand Stitching): रुई भरने के बाद, कारीगर हाथ से रजाई पर बारीक टांके लगाते हैं जिसे 'टगाई' कहते हैं। यह टांके मशीन की तरह सीधे नहीं होते, बल्कि एक पैटर्न में होते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धुनी हुई रुई एक जगह इकट्ठी न हो और पूरी रजाई में एक समान फैले रहे।

शुद्ध कपास: इसमें सिंथेटिक फाइबर के बजाय 100% शुद्ध कपास का उपयोग होता है, जो सिंथेटिक फाइबर की तुलना में गर्मी को बेहतर तरीके से सोखता है। 

पेयजल के नाम पर बड़ा धोखा, नई कॉलोनियों में बिल्डर का दावा जमीन पर फेल


अजमेर रोड, मानसरोवर और आसपास की किसी कॉलोनी में प्लॉट, विला या फ्लैट खरीद रहे हैं तो रुकिए। सिर्फ दाम या लोकेशन देखकर फैसला न करें। पहले यह जरूर जांच लें कि बसावट के बाद कम से कम पीने का पानी मिलेगा या नहीं।

ads 728x90 B
Powered by Blogger.