राजपूताना में सैलानियों सैलाब : सड़कों पर ‘जाम’, होटलों में ‘नो रूम’ की टेंशन, फिर भी किलो–महलों और धोरों में मस्ती
जयपुर। पिंक सिटी जयपुर, स्वर्ण नगरी जैसलमेर, ब्लू सिटी और सनसिटी जोधपुर, लेक सिटी उदयपुर, टाइगर सिटी सवाई माधोपुर–सरिस्का, ख्वाजा की नगरी अजमेर, भुजिया–पापड़ के शहर बीकानेर और साल्ट सिटी सांभर समेत पूरे राजस्थान में इस समय पर्यटन इस समय पीक पर है। होटल, टैक्सी, टूर गाइड, हस्तशिल्प, रेस्तरां और लोकल बाजारों में बंपर कारोबार हो रहा है।
10 जनवरी तक होटल फुल
पर्यटन स्थलों पर छोटे–बड़े सभी होटल और गेस्ट हाउस 10 जनवरी तक पूरी तरह हाउसफुल हैं। कई शहरों में ‘नो रूम अवेलेबल’ की स्थिति बन गई है। सड़कों पर पर्यटक वाहनों की भीड़ से जाम के हालात हैं। पर्यटन स्थलों पर पांव रखने की जगह नहीं है और टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। इसके बाद भी सैलानियों का उत्साह कम नहीं है।
वाइल्ड लाइफ सफारी–डेजर्ट टूर में भी फुल बुकिंग
टाइगर, लेपर्ड और हाथी सफारी में फिलहाल बुकिंग मिलना मुश्किल हो गया है। वहीं जैसलमेर–बीकानेर–नागौर के रेगिस्तानी धोरों में भी अगले एक सप्ताह तक टेंट उपलब्ध नहीं हैं।
धार्मिक स्थलों पर आस्था का ज्वार
पर्यटन के साथ–साथ धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सांवरिया सेठ, श्रीनाथ जी, खाटू श्याम जी, सालासर बालाजी, जीण माता, करणी माता, राणी सती, शाकंभरी माता, शिला माता, गोविंद देवजी, पुष्कर और तनोट माता में आस्था का सैलाब दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि राजस्थान घूमने आ रहे अधिकांश सैलानियों के ट्रैवल प्लान में कोई न कोई धर्मस्थल जरूर शामिल है। इनमें सांवरिया सेठ, खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी श्रद्धालुओं की पहली पसंद बने हुए हैं। नए साल पर संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
उधर, अजमेर में हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स की रौनक पूरे शबाब पर है। दरगाह परिसर में चिश्तिया रंग, जायरीन की भीड़ और सूफियाना कलाम की गूंज माहौल को खास बना रही है।
जयपुर सैलानियों की पहली पसंद
राजधानी जयपुर पर्यटकों की टॉप चॉइस बनी हुई है। तीन से पांच दिन का प्लान लेकर सैलानी जयपुर पहुंच रहे हैं। जयपुर दर्शन के साथ खाटू श्याम जी–सालासर बालाजी के दर्शन भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल हैं। शनिवार सुबह से ही जयपुर सैलानियों से भरा हुआ है। आज एक लाख से अधिक पर्यटकों के जयपुर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पूरे शहर में ट्रैफिक दबाव है और कानून–व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अल्बर्ट हॉल, हवा महल, जंतर–मंतर, सिटी पैलेस, आमेर, जल महल, जयगढ़ और नाहरगढ़ में जबरदस्त भीड़ है। नाहरगढ़ में टाइगर–लॉयन सफारी और आमागढ़–झालाना लेपर्ड सफारी के लिए सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं।
किन राज्यों के पर्यटकों को कहां भा रहा राजस्थान
विदेशी पर्यटक मुख्य रूप से पुष्कर, जैसलमेर, जोधपुर और उदयपुर का रुख कर रहे हैं, हालांकि इनकी संख्या घरेलू पर्यटकों की तुलना में कम है। एनसीआर, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, एमपी और पंजाब के पर्यटकों के लिए जयपुर पहली पसंद बना हुआ है। गुजराती, मराठी और बंगाली पर्यटकों को जोधपुर—उदयपुर भा रहा है, जबकि जैसलमेर, बीकानेर और नागौर में अन्य राज्यों के साथ–साथ राजस्थान के भीतर से भी बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां बिताने पहुंच रहे हैं।
दक्षिण भारतीय पर्यटक जयपुर–उदयपुर–जोधपुर सर्किट को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं कोटा, भरतपुर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की तुलना में पर्यटकों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम बनी हुई है।
जोधपुर में लगा पर्यटकों का जमावड़ा
सूर्यनगरी जोधपुर पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही है। मेहरानगढ और उम्मेद भवन के बाद मिनी फॉरेस्ट माचिया बायोलॉजिकल पार्क पर्यटकों की पसंद बन रहा है। होटलो में भी लगभग नो रूम की स्थिति बन चुकी है। हाई डिमांड के कारण कई होटल वालों ने कमरों का किराया बढ़ा दिया है। मंडोर गार्डन, जसवंत थड़ा, मेहरानगढ़ क्षेत्र और अन्य प्रमुख बाजारों में पर्यटकों की भीड़ है। सैलानी ऐतिहासिक स्थलों को देखने के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प, कपड़े और पारंपरिक वस्तुओं की जमकर खरीदारी कर रहे हैं।












आलू—प्याज किसानों को रूला रहा है और गाजर, मटर—पालक ग्राहक को। मटर, गाजर, पालक, मैथी जैसी सब्जियां के दाम नीचे नहीं आ रहे है।
आलू—प्याज सस्ता और क्यों मटर—पालक महंगा क्यों?
